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Author: Kumar Aashutosh
, , 25 1975 , , " , , , " - 21 Language: hi Genres: History Contact email: Get it Feed URL: Get it iTunes ID: Get it |
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लोकतंत्र का काला दिवस आपातकाल (25जून 1975)
Thursday, 25 June, 2020
भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में एक सनकी, हठधर्मी, तानाशाही परिभाषा को परिभाषित किया जाएगा तो इंदिरा गांधी का नाम ही उसका पर्यायवाची होगा। उन्होंने 25 जून 1975 को बाबा साहेब के उस सपने का कत्ल कर दिया जिसमें स्वतंत्रता, समानता एवं बंधुत्व के आधार पर लोकतंत्र की नींव रखे थे। जहां से तानाशाही का वह अन्धा युग आरंभ हुआ था जहां लेनिन, स्टालिन एवं हिटलर भी पीछे छूट गया। यह ऐसा समय था "जहां न गुनाह, न अपील, न दलील, एवं न वकील" था। ऐसा एक-दो दिन नही बल्कि 21 माह चला। पूरे विश्व को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने वाला यानी लोकतंत्र की जननी बिहार कैसे शांत रह सकता था जब लोकतंत्र की हत्या की जा रही हो। तब बिहार ने जननायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में उस लोकतंत्र की हत्यारी सरकार के खिलाफ लड़ने का हौसला बुलंद किया। जो बाद में लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई पूरे देश की लड़ाई बन गयी और अंततः लोकतंत्र की हत्यारी अंधी बहरी सरकार परास्त हुई और फिर से लोकतंत्र का नई सवेरा आया। मुझे गर्व है कि मैं उस भूमि से हूं एवं एक लोकतंत्र रक्षक सेनानी का पुत्र हूँ। जिसने उस काले दौर में भी उस क्रूर सत्ता के सामने नही झुकते हुए लोकतंत्र के मूल्यों को जिंदा रखा। वे (पूज्य पिताजी) स्व. अर्जुन बाबू अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन विरासत में ऐसे मूल्यों को हमलोगों के बीच छोड़ कर गए हैं कि जब कभी भी इस तरह की तानाशाही सत्ता हमारे लोकशाही की हत्या करने का प्रयास करेगी तब हमलोग दीवार की तरह खड़े रहेंगे भले ही हम गिर जाए लेकिन इस लोकतंत्र महल को नहीं गिरने देंगे जिसकी नींव में संविधान हो। #आपातकाल #25जून #संपूर्ण_क्रांति #जयप्रकाशनारायण #अर्जुन_कुमार_बिन्द #लोकतंत्र #लोकतंत्र_रक्षक_सेनानी #Emergency1975HauntsIndia #Emergency #काला_दिवस













