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SaurabhAuthor: Saurabh Srivastava
Following closely and Learning a thing called Life Language: hi Genres: Arts, Performing Arts Contact email: Get it Feed URL: Get it iTunes ID: Get it Trailer: |
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Dedication to our Defense Personnel who are dedicated for our safety
Episode 1
Friday, 19 June, 2020
फ़ौजी पसीना बहाता है कि देश का ख़ून काम बहे.. वक़्त दिखता तो तुझे सीने से लगा रखता कहीं वो हवा सा ऐसा बहा, आँखों में ओझल हो गया दूरियाँ संगीनों से नापते, और कुछ दिखता नहीं कब लहू धमनियों का, पसीने के रास्ते घुल गया जो कुछ बना था, हाथ की, लकीरों को यूँ तराश कर, दुश्मनी की दोस्ती में, वो भी पिघल कर रह गया हमने लहू को पास से देखा है कुछ यूँ ओढ़ कर पहरे में रखा, गरम हवा में, बर्फ़ बन कर गल गया क़तरा क़तरा जोड़ कर पाला था तुझको रात दिन एक पल रहबर मिला तू आँख भीगा कर चल दिया मुझको पता मेरा, बताना भी मत, ऐ राहेगीर तुम, मैं जो मुझसे फिर मिला, सबको पता यह चल गया, कभी कभी मासूम सी नसों में दौड़ता हूँ मैं जोश में 'सौरभ' जो वतन कि तिशनगी में मैं कहीं उबाल गया.. वक़्त दिखता तो तुझे सीने से लगा रखता कहीं वो हवा सा ऐसा बहा, आँखों में ओझल हो गया दूरियाँ संगीनों से नापते, और कुछ दिखता नहीं कब लहू धमनियों का, पसीने के रास्ते घुल गया












